एक शोध के मुताबिक, जो लोग धीमी गति से चबा-चबाकर भोजन करते हैं, उनमें वजन बढ़ने का खतरा 42 फीसदी तक कम होता है।
आजकल कम उम्र में वजन का बढ़ जाना एक आम समस्या है। वजन बढ़ने से परेशान या मोटापे से ग्रस्त लोग खुद को फिट रखने के लिए तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं। वे घंटों जिम में वर्कआउट करते हैं, डाइटिंग करते हैं, लेकिन मोटापे के मुख्य कारणों की ओर ध्यान नहीं देते हैं।
शारीरिक सक्रियता में कमी, नियमित रूप से सुबह न टहलना, योग-ध्यान और व्यायाम आदि न करने एवं जंक फूड के अधिक सेवन के कारण वजन में वृद्धि होती है। वजन घटाने के लिए खान-पान की आदतों में बदलाव लाना बेहद ही आवश्यक है। इससे वजन को आसानी से संतुलित किया जा सकता है।
एक शोध के मुताबिक, खाना खाने से वजन में वृद्धि नहीं होती है, बल्कि खाने के तरीके से वजन पर असर पड़ता है। ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन द्वारा किए गए एक शोध में बताया गया है कि जो लोग जल्दी-जल्दी खाना खाकर उठ जाते हैं, उनका वजन अधिक तेजी से बढ़ता है। वहीं, जो लोग धीमी गति से, चबा-चबाकर भोजन करते हैं, उनमें वजन बढ़ने का खतरा 42 फीसदी कम होता है।शोध में कहा गया है कि आपके खाना खाने के तरीके का आपके वजन से सीधा संबंध है। आपके दिमाग को करीब 20 मिनट यह समझने में लगते हैं कि आपका पेट पूरा भर चुका है, इसलिए यदि आप जल्दी-जल्दी खाना खा रहे हैं, तो मस्तिष्क तक पेट भरने का संदेश पहुंचने से पहले ही आप काफी मात्रा में खाना खा चुके होते हैं।
इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 60 हजार लोगों की खाने की आदतों पर छह साल तक गौर किया। उन्होंने पाया कि इनमें से 22 हजार लोग ऐसे थे, जो जल्दी खाना खाते थे, 33 हजार लोग साधारण गति से खाना खाते थे और लगभग 5 हजार लोग ऐसे भी थे, जो धीरे-धीरे खाना खाते थे। इस अध्ययन में पाया गया कि तेज गति से खाना खाने वालों की कमर का साइज धीमी गति से खाना खाने वाले लोगों की तुलना में एक चौथाई इंच ज्यादा था।
इस शोध से यह बात सामने आई कि खाना खाते समय किसी और चीज पर दिमाग लगाना भी सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि खाते समय टीवी नहीं देखना चाहिए। इसके अलावा स्मार्टफोन, कंप्यूटर जैसी चीजों से भी दूर रहना चाहिए। साथ ही काम करते समय भी खाना नहीं खाना चाहिए। शोध के मुताबिक, जिन लोगों ने बिना किसी भटकाव के खाना खाया, उन्होंने 15 महीने में करीब दो किलो वजन घटाया। जबकि साधारण रूप से वजन कम कर रहे लोगों का सिर्फ तीन सौ ग्राम वजन ही कम हुआ।
एम्स, दिल्ली की डाइटिशियन डॉ. वसुंधरा सिंह के अनुसार, खाने को सही तरह से क्यों चबाना चाहिए? इसके दो महत्वपूर्ण कारण हैं। पहला भोजन को तोड़ना और दूसरा इसे लार के साथ अच्छी तरह से मिलाना। खाने को सही तरह से नहीं चबाने पर पाचन क्रिया खराब हो सकती है। इसके अलावा डाइजेस्टिव एंजाइम भी खाद्य कणों को तोड़ने में सक्षम नहीं हो पाते हैं। जब आप खाने को चबाते हैं, तो वह बारीक टुकड़ों में बंट जाता है और उसमें लार मिल जाती है। जब खाना पेट में जाता है, तो वहां डाइजेस्टिव एंजाइम इस विघटित खाने को आंतों में आगे बढ़ाते हैं। इस प्रक्रिया में पानी और पोषक तत्व आंतों द्वारा अवशोषित कर लिए जाते हैं और फाइबर का न पचने वाला हिस्सा और दूसरे पदार्थ बाहर निकल जाते हैं।
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