प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा के क्रम में जॉर्डन, फलस्तीन के बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पहुंच चुके हैं. वह 2015के बाद यूएई दूसरी बार गए हैं. यह दौरा इसलिए अहम है क्योंकि राजधानी अबू धाबी में वह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पहले हिंदू मंदिर का भूमि पूजन करेंगे. उनके पिछले दौरे के दौरान यूएई सरकार ने अबू धाबी में मंदिर बनाने के लिए 55हजार वर्ग मी जमीन देने का ऐलान किया था. अबू धाबी में तकरीबन 30लाख भारतीय रहते हैं. ये वहां की आबादी का लगभग 30प्रतिशत हिस्सा है. वहां की अर्थव्यवस्था को संवारने में इस आबादी का बड़ा योगदान है. साधन-संपन्न इतनी बड़ी आबादी होने के बावजूद राजधानी अबू धाबी में कोई हिंदू मंदिर अभी तक नहीं है. इसकी तुलना में दुबई में दो मंदिर और एक गुरुद्वारा हैं. इसलिए अबू धाबी के स्थानीय हिंदुओं को पूजा या शादी जैसे समारोहों के लिए दुबई जाना पड़ता है. इसके लिए तकरीबन तीन घंटे लंबी यात्रा उनको तय करनी पड़ती है. इन दिक्कतों को देखते हुए यूएई सरकार ने इस मंदिर के लिए जमीन देने का निर्णय किया था