समय न्यूज़ 24 डेस्क :- सोनम वांगचुक के इलाज को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने सफदरजंग अस्पताल से उन्हें मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने की अनुमति दे दी। केंद्र सरकार ने भी कहा कि इस पर उसे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मेडिकल सलाह के बिना उन्हें डिस्चार्ज नहीं किया जायेगा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने वांगचुक की मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुये डॉक्टरों से यूरिया और यूरिक एसिड के बढ़े स्तर का कारण पूछा। डॉक्टरों ने बताया कि लंबे उपवास के दौरान शरीर ऊर्जा के लिए फैट का इस्तेमाल करता है, जिससे ऐसे बदलाव स्वाभाविक हैं।
एम्स के डॉक्टरों ने अदालत को बताया कि वांगचुक का डब्ल्यूबीसी, हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स और पोटैशियम सामान्य स्तर पर नहीं हैं। कम डब्ल्यूबीसी के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ गया है, इसलिए उनसे मिलने वालों के लिए गाउन, कैप और मास्क अनिवार्य किया गया है। पोटैशियम की कमी दूर करने के लिए इलाज जारी है।
क्या बोले वकील
वांगचुक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिब्बल ने कहा कि उनके वाइटल्स फिलहाल स्थिर हैं और लगातार निगरानी की जरूरत है। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि सफदरजंग अस्पताल इलाज से जुड़ी पूरी मेडिकल रिपोर्ट तुरंत मेदांता को सौंपे। साथ ही मेदांता अस्पताल केनिदेशक विशेषज्ञ डॉक्टरों का पैनल बनाकर आगे का इलाज सुनिश्चित करें।
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