समय न्यूज़ 24 डेस्क नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल चोरी करने वाले और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क अधिनियम 2026 में संशोधन करते हुए NHAI ने 'बकाया टोल' की नई परिभाषा और वसूली के सख्त नियम जारी किए हैं।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम?
यदि कोई वाहन टोल तोड़कर भागता है या उसका टोल टैक्स बकाया रहता है, तो NHAI की प्रक्रिया इस प्रकार होगी:नोटिस: वाहन चालक को एसएमएस (SMS) और ईमेल के माध्यम से तुरंत नोटिस भेजा जाएगा।72 घंटे की मोहलत: नोटिस मिलने के 72 घंटों के भीतर बकाया चुकाने पर कोई अतिरिक्त जुर्माना नहीं लगेगा।जुर्माना: 72 घंटे बीत जाने के बाद, वाहन चालक को दोगुना शुल्क और निर्धारित जुर्माना भरना होगा।ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई: यदि 15 दिनों के भीतर बकाया राशि जमा नहीं की जाती और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया जाता है, तो NHAI उस वाहन को ब्लैकलिस्ट कर देगा और उस पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
1 अप्रैल से पूरी तरह कैशलेस होंगे टोल प्लाजा
NHAI ने स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल 2026 से सभी टोल प्लाजा पूरी तरह से कैशलेस हो जाएंगे। अब नकद (Cash) में भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा; केवल ऑनलाइन या फास्टैग के माध्यम से ही भुगतान अनिवार्य होगा।
"अक्सर देखा गया है कि कई वाहन बिना टोल दिए निकल जाते हैं और जुर्माना लगने के बाद भी राशि जमा नहीं करते। सिस्टम में पारदर्शिता और अनुशासन लाने के लिए यह नया नियम लागू किया जा रहा है।" — NHAI प्रबंधन
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