मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन अब्दुल गयूम के आग्रह पर संसदीय कमेटी ने देश में आपातकाल को 30 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। इसके साथ ही राष्ट्रपति को अपनी शक्ति सुदृढ़ करने की अनुमति मिल गई है। पीपुल्स मजलिस की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की असाधारण बैठक के दौरान संसद ने राष्ट्रपति यमीन को आपातकाल की अवधि बढ़ाने की मंजूरी दी। मालदीव की संसद पीपुल्स मजलिस के डिप्टी स्पीकर सांसद मूसा मानिक ने सोमवार को बैठक के दौरान संसदीय कमेटी द्वारा आपातकाल बढ़ाने की मंजूरी पत्र मिलने की पुष्टि की है। इसके साथ ही देश में 30 दिनों के लिए आपातकाल को बढ़ा दिया गया है। आपातकाल की अवधि को बढ़ाने के फैसले को 85 सदस्यीय संसद में सोमवार देर रात मतदान के बाद स्वीकार कर लिया गया। फैसले के पक्ष में 38 सांसदों ने मतदान किया। इसके बाद इस फैसले को राष्ट्रीय सुरक्षा समिति को क्रियान्वयन के लिए आगे बढ़ा दिया गया। वहीं, सभी विपक्षी सांसदों ने मतदान का बहिष्कार किया। आपातकाल बढ़ाने का प्रस्ताव जब पारित हो रहा था तब मजलिस में 43 सांसद मौजूद थे। सनद रहे सुप्रीम कोर्ट द्वारा 9 विपक्षी नेताओं की रिहाई के आदेश के बाद यामीन ने 5 फरवरी को 15 दिनों के लिए आपातकाल की घोषणा की थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा रिहा किए गए नेताओं में पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद भी शामिल थे। आपातकाल की घोषणा के तुरंत बाद सुप्रीम कोर्ट की अन्य पीठ द्वारा पहले के फैसले को रद्द कर दिया गया। इसके साथ ही मालदीव के लोकतंत्र में एक काला अध्याय जुड़ गया।