भारत की महिला बॉक्सिंग स्टार एमसी मैरीकॉम ने देश की मेजबानी में आयोजित 10वीं आईबा विश्व महिला मुक्केबाजी चैम्पिनयशिप में 48 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में युक्रेन की हेमा ओखोता को 5-0 से मात देकर छठवीं बार विश्वचैंपियन खिताब जीत लिया है। इसके साथ ही वह विश्व चैम्पियनशिप में छह गोल्ड जीतने वाली दुनिया की पहली महिला बॉक्सर भी बन गई है।
मैरीकॉम ने आठ साल पहले विश्व चैपियनशिप में गोल्ड जीत कर देश का नाम रोशन किया था। मैरी कॉम भारत की सबसे बेहतरीन बॉक्सर हैं। उन्होंने साल 2012 में ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडल जीतते हुए तहलका मचा दिया था। यह कारनामा करने वाली वह इकलौती भारतीय महिला बॉक्सर हैं।
इसके अलावा उन्होंने 2014 एशियन गेम्स में भारत के लिए गोल्ड जीता था और यह कारनामा करने वाली वह पहली भारतीय महिला बॉक्सर बनीं। इसके बाद 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने के साथ ही उन्होंने इस टूर्नामेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बॉक्सर बनने का कीर्तिमान अपने नाम किया था।
साल 2016 में मैरी कॉम को भारतीय राष्ट्रपति ने राज्य सभा के सदस्य के तौर पर मनोनीत किया था। इसके बाद 2017 में मार्च में मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स और स्पोर्ट्स ने मैरी कॉम को अखिल कुमार के साथ बॉक्सिंग के नेशनल ऑब्जर्वर के तौर पर पदस्थ किया था।
जीत के बाद मैरीकॉम ने कहा, 'यह मेरे लिए बहुत मुश्किल रहा। आपके प्यार से यह संभव हो सका। वेट कैटेगरी से मैं संतुष्ट नहीं थी। 51 कैटेगरी ओलिंपिक में मेरे लिए मुश्किल होगा, लेकिन मैं खुश हूं।' हना से मुकाबले के बारे में उन्होंने कहा कि यूक्रेनी खिलाड़ी के खिलाफ मैच आसान नहीं था, क्योंकि वह मुझसे लंबी थी।
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