उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में सांप्रदायिक सौहार्द का एक अनोखा उदाहरण देखने को मिला। यहां से 70 कांवड़ियों का एक समूह झारखंड के देवघर जिले में स्थित बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए निकला। सबसे अनोखी बात तो ये थी कि इन 70 कांवड़ियों में से 15 लोग मुस्लिम समुदाय से हैं। कावड़ यात्रा भगवान शिव के भक्तों द्वारा की जाने वाली वार्षिक तीर्थ यात्रा है। जिले के कुशाग्र गांव के रहने वाले ये कांवड़िये पहले बिहार के सुल्तानगंज पहुंचेंगे। यहां से वह गंगा नदी से पवित्र गंगाजल लेंगे। इसके बाद 106 किलोमीट की पैदल यात्रा कर बाबाधाम पहुंचेंगे। यहां वह बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग में बाबा भोलेनाथ को जल चढ़ाएंगे।
बता दें गांव के मुखिया का नाम निजाम अंसारी है। जिन्होंने इस अनोखे कार्यक्रम की शुरुआत की है। उन्हीं के विचारों से सहमत कुछ अन्य लोगों ने कांवड़ियों की पोशाक (गेरुआ रंग के कपड़े) पहनकर इस यात्रा में शिरकत की। अपनी यात्रा का खर्च वह खुद वहन करेंगे। यात्रा की शुरुआत करते हुए शुक्रवार को क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता संजीव शुक्ला ने कहा, यह भारत के गंगा-जमुना संस्कृति का असली उदाहरण है। हमें इनसे सीख लेनी चाहिए और नफरत के बजाय शांति और प्यार को प्राथमिकता देनी चाहिए।
अंसारी ने आगे कहा कि मैं चाहता हूं कि गांव के सभी लोग सभी धर्मों के कार्यों में हिस्सा लें। इससे हमें और भी करीब आने और समाज की सेवा करने का अवसर मिलेगा। मैं बस लोगों का आशीर्वाद और अपने गांव का विकास चाहता हूं।
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