समय न्यूज़ 24 नई दिल्ली/पटना। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने NEET परीक्षा के कथित पेपर लीक और MBBS एडमिशन के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में राजद (RJD) नेता संतोष कुमार जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
राजनीति से ठगी के खेल तक का सफर
पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन उत्तरी पंचायत से अपने सफर की शुरुआत करने वाले संतोष जायसवाल ने बहुत कम समय में दिल्ली, मुंबई और पटना जैसे बड़े शहरों तक अपनी पहुंच बना ली थी। बिहार की सक्रिय राजनीति में पहचान बनाने वाले जायसवाल पर आरोप है कि उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में नामांकन कराने के नाम पर कई छात्रों और उनके अभिभावकों से करोड़ों रुपये ऐंठे हैं।
क्राइम ब्रांच की रडार पर थे जायसवाल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, संतोष जायसवाल एक सुव्यवस्थित 'एडमिशन रैकेट' चला रहे थे, जो भोले-भले लोगों को मेडिकल सीटों का झांसा देकर अपना शिकार बनाता था। NEET परीक्षा की शुचिता पर उठ रहे सवालों के बीच उनकी गिरफ्तारी को एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। क्राइम ब्रांच अब उनके बैंक खातों और अन्य राजनीतिक संपर्कों की जांच कर रही है ताकि इस गिरोह की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
बढ़ सकती हैं मुश्किलें
संतोष जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद उनके राजनीतिक और व्यक्तिगत सफर पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि इस ठगी के नेटवर्क में और कौन-कौन से रसूखदार लोग शामिल हैं। फिलहाल, पुलिस उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है, जिससे इस रैकेट के कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
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