रांची। झारखंड न्यायिक अकादमी ने अपनी प्रशिक्षण व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल करने का निर्णय लिया है। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक के निर्देशानुसार, अब अकादमी के सभी प्रशिक्षण, सम्मेलन और कार्यशालाएं ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी।
प्रधानमंत्री की अपील का असर
अकादमी ने यह फैसला वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए ईंधन की बचत के लिए प्रधानमंत्री द्वारा की गई अपील और हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत लिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य संसाधनों का संरक्षण और प्रशिक्षण प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाना है।
अब दफ्तर से ही जुड़ सकेंगे कर्मी
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब न्यायिक पदाधिकारियों और कर्मचारियों को ट्रेनिंग के लिए रांची स्थित अकादमी आने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने कार्यस्थल से ही डिजिटल माध्यम से इन सत्रों में भाग ले सकेंगे, जिससे समय और सरकारी संसाधनों की बड़ी बचत होगी।
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