सनसनीखेज खुलासा: राहुल दुबे गैंग की लेवी के लिए फायरिंग की साजिश नाकाम; रांची से 'सेल्फ ड्राइव' कार लेकर पहुंचे थे हमलावर
रामगढ़ | अपराध ब्यूरो झारखंड के रामगढ़ जिले में एक बार फिर दहशत फैलाने की बड़ी साजिश को पुलिस ने बेनकाब कर दिया है। पतरातू रेलवे ओवरब्रिज, जो कुछ ही दिन पहले गोलियों की गड़गड़ाहट से दहल उठा था, वहां दोबारा फायरिंग करने की तैयारी में जुटे राहुल दुबे गैंग के सात सक्रिय सदस्यों को पुलिस ने हथियारों के साथ दबोच लिया है। अपराधियों ने इस वारदात के लिए रांची से बाकायदा 'सेल्फ ड्राइव' कार किराए पर ली थी, लेकिन रामगढ़ पुलिस की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
चेकिंग के दौरान फिल्मी अंदाज में हुई गिरफ्तारी
5 अप्रैल को रामगढ़ एसपी अजय कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि ओवरब्रिज का काम दोबारा शुरू होने से नाराज राहुल दुबे गैंग वहां मजदूरों और मशीनों पर फायरिंग की योजना बना रहा है। एसपी ने तुरंत एएसपी गौरव गोस्वामी के नेतृत्व में जाल बिछाया।भागने की कोशिश: पतरातू फाटक के पास जब पुलिस ने एक i20 कार (JH01FF2503) को रुकने का इशारा किया, तो ड्राइवर ने भागने की कोशिश की।गार्डर से टकराई कार: पीछे मुड़ने के चक्कर में कार लोहे के गार्डर से जा टकराई। पुलिस ने मौके से तीन बदमाशों को दबोचा, जिनकी निशानदेही पर बाद में चार अन्य की गिरफ्तारी हुई।
बरामदगी: लैपटॉप से लेकर लोडेड हथियार तक
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से हथियारों और तकनीकी उपकरणों का जखीरा बरामद किया है: हथियार: 01 देशी रिवॉल्वर, 01 देशी पिस्टल और 04 जिंदा कारतूस। वाहन: रांची से किराए पर ली गई i20 कार। गैजेट्स: 07 एंड्रॉयड फोन, 01 आईफोन और 01 लैपटॉप।
जंगी ऐप और कोडवर्ड का 'डिजिटल जाल'- पूछताछ में खुलासा हुआ कि जेल में बंद अपराधी या गैंग के सरगना जंगी ऐप (Jangi App) के जरिए निर्देश दे रहे थे।
"गैंग को भुरकुंडा में दो बाइक सवारों से मिलना था, जिन्हें खास कोडवर्ड के जरिए पहचानना था। इनका मकसद ओवरब्रिज साइट पर लेवी (रंगदारी) के लिए दहशत पैदा करना था।"
— अजय कुमार, एसपी रामगढ़
गिरफ्तार आरोपियों की सूची
गिरफ्तार किए गए सातों युवक शातिर अपराधी बताए जा रहे हैं, जिनमें से कई पिछली फायरिंग की घटनाओं में भी शामिल थे:
तुषार सिंह (20), मिथुन कुमार (28), अमन अंसारी, कुणाल सिंह उर्फ शिवम (29), बादल सिंह (25), सुमित पाण्डेय (24) और सन्नी बेदिया।
पुलिस की कार्रवाई और धाराएंपतरातू पुलिस ने इस मामले में कांड संख्या 78/2026 दर्ज किया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की गंभीर धाराओं (111, 61) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।इस गिरफ्तारी से पतरातू और भुरकुंडा के व्यवसायियों और मजदूरों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, एसपी ने साफ कर दिया है कि जब तक इस गैंग के हर सदस्य को सलाखों के पीछे नहीं पहुंचा दिया जाता, पुलिस का अभियान जारी रहेगा।
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