समय न्यूज़ 24 राँची/बोकारो: झारखंड हाई कोर्ट ने जुलाई 2025 से लापता बोकारो की 18 वर्षीय युवती के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायाधीश दीपक रोशन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए आदेश दिया है कि मुख्य अभियुक्त दिनेश महतो का दो सप्ताह के भीतर नार्को टेस्ट कराया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई में नार्को टेस्ट की रिपोर्ट पेश करनी होगी।
केस डायरी के साथ सशरीर हाजिर हुए बोकारो SP
मामले की गंभीरता को देखते हुए बोकारो के पुलिस अधीक्षक (SP) केस डायरी और लोअर कोर्ट के रिकॉर्ड के साथ अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। सुनवाई के दौरान प्रार्थी (युवती की मां रेखा देवी) की ओर से अधिवक्ता विंसेंट रोहित मार्की, शांतनु गुप्ता और ऋतुल नंदा ने पक्ष रखा। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली और जांच में हो रही देरी पर सवाल उठाए।
प्राथमिकी में 10 दिन की देरी पर हाईकोर्ट की फटकार
सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई कि घटना के बाद FIR दर्ज करने में 10 दिनों की देरी क्यों हुई। ज्ञात हो कि युवती 27 जुलाई 2025 से लापता है, जिसके संबंध में सनहा (NC) उसी दिन दर्ज करा दिया गया था, लेकिन पुलिस ने प्राथमिकी 4 अगस्त 2025 को दर्ज की। इस 'ढुलमुल रवैये' पर जवाब न दे पाने के कारण अदालत ने जिले के पुलिस कप्तान को कड़ी फटकार लगाई।
इस पर बोकारो एसपी ने अदालत को बताया कि लापरवाही बरतने के मामले में 20 मार्च को ही पिंडराजोड़ा थानेदार को 'शो कॉज' (कारण बताओ) नोटिस जारी किया गया है।
पुलिस की गिरफ्त से भागा था संदिग्ध, कार्यशैली पर सवाल
युवती की मां रेखा देवी ने अदालत के समक्ष यह गंभीर आरोप भी लगाया कि दिसंबर 2025 में उनकी बेटी के पुणे में होने की सूचना मिली थी। पुलिस एक संदिग्ध (लोकनाथ महतो) को पकड़कर पुणे से ला रही थी, लेकिन वह रास्ते में ही पुलिस हिरासत से फरार हो गया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि उस व्यक्ति ने शराब के नशे में और 20 हजार रुपये के लालच में झूठा फोन किया था।
मुख्य बिंदु:
आदेश: मुख्य आरोपी दिनेश महतो का 14 दिनों के अंदर नार्को टेस्ट होगा।लापरवाही: सनहा और FIR के बीच 10 दिनों के अंतराल पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी।कार्रवाई: पिंडराजोड़ा थानेदार से मांगा गया स्पष्टीकरण।अगली सुनवाई: नार्को टेस्ट रिपोर्ट के साथ होगी अगली अदालती कार्यवाही।
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