रांची : झारखंड में विपक्षी दलों की एकजुटता के आगे सत्तारूढ़ दल की एक न चली और वह झारखंड मुक्ति मोर्चा से सिल्ली और गोमिया विधानसभा की सीटें छीनने में नाकाम रही. सिल्ली में ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी के प्रमुख और झारखंड के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुदेश महतो 13508 मतों के बड़े अंतर से चुनाव हार गये, तो गोमिया में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के माधवलाल सिंह तीसरे स्थान पर रहे. यहां आजसू के लंबोदर महतो ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया.
सिल्ली में पूर्व विधायक अमित महतो की पत्नी सीमा महतो को 77,127वोट मिले, जबकि सुदेश महतो को 63,613मत मिले. वहीं, गोमिया में झामुमो की बबीता महतो ने 1852मतों के अंतर से लंबोदर महतो को हरा दिया. ये दोनों सीटें झामुमो की ही थीं. गोमिया विधायक योगेंद्र महतो और सिल्ली विधायक अमित कुमार महतो को आपराधिक मामले में हुई सजा के बाद खाली हुई थीं. दोनों सीटों पर पदच्युत विधायकों की पत्नियां जीती हैं.
ज्ञात हो कि वर्ष 2014में अमित कुमार महतो ने आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो को पहली बार हराया था. झामुमो ने यह सीट बरकरार रखी. परिणाम सामने आने के बाद अमित महतो और सीमा महतो ने सिल्ली की जनता को धन्यवाद दिया. सीमा ने कहा कि यह जीत उनके पति के लिए एक तोहफा है. वहीं, अमित महतो ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्य करने में अब उन्हें आसानी होगी, क्योंकि उन्हें पत्नी का भी साथ मिलेगा.
सिल्ली में सुदेश महतो सिर्फ चार राउंड में बढ़त बना पाये. सातवें राउंड में वह एक बार सीमा महतो से आगे निकले थे, लेकिन अगले ही राउंड में वह पिछड़ गये और फिर कभी सीमा से आगे नहीं निकल पाये. दूसरी तरफ, गोमिया में लगातार झामुमो प्रत्याशी पर बढ़त बनाये रखने वाले भाजपा के माधवलाल 10वें राउंड के बाद एक बार पिछड़े, तो फिर पिछड़ते चले गये और अंतत: तीसरे स्थान पर पहुंच गये.
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