समय न्यूज़ 24 डेस्क
झारखंड में कोरोना को लेकर पान मसाला, तंबाकू, गुटखा आदि उत्पादों को प्रतिबंधित किया गया है. लेकिन अधिकारीयों द्वारा छोटे दुकानदारों के यहां छापेमारी कर खानापूर्ति की जा रही है. अब झारखंड सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारीयों को सख्त आदेश दिया है. स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने अधिकारीयों को छोटे दुकानदारों के बजाय तंबाकू और गुटखा के बड़े होलसेलरों, सीएनएफ, निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है. स्वास्थ्य मंत्री ने इस बाबत एक पत्र विभाग को भेजकर बड़े कारोबारियों के यहां सघन छापेमारी सुनिश्चित करने का आदेश दिया है.
मंत्री ने कहा है की छोटे दुकानदारों के यहां यदि पान मसाला, तंबाकू, गुटखा आदि छापेमारी के दौरान मिलता है, तो यह निश्चित है की सीएनएफ और होलसेलरों के द्वारा उन्हें यह सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है. तभी ये छोटे दुकानदार इन्हे बाजारों में बेच रहे है. लेकिन कार्रवाई सिर्फ छोटे दुकानदारों पर हो रही है. बड़े डिस्ट्रीब्यूटर्स, सीएनएफ और निर्माताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. मंत्री ने अपने पत्र में स्पष्ट कहा की कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति बिलकुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
पान मसाला व तंबाकू उत्पादों के उपयोग और बिक्री पर है पूर्ण प्रतिबंध :
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 21 अप्रैल को ही पूरे राज्य में सभी तरह के तंबाकू उत्पादों यथा सिगरेट, बीड़ी, पान मसाला, सुपारी, खैनी, जर्दा, गुटखा, इ-हुक्का व इ-सिगरेट के उपयोग एवं बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों के आधार पर गृह मंत्रालय के आदेश के आलोक में इस प्रवृति के खिलाफ दंड का प्रावधान भी किया गया है.
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