समय न्यूज़ 24 डेस्क
झुमरीतिलैया (कोडरमा): सांसद अन्नपूर्णा देवी ने कोल ब्लाक नीलामी मामले में राज्य की हेमंत सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। कहा कि मोदी सरकार द्वारा कोल ब्लाक नीलामी के निर्णय को राज्य सरकार के आला अधिकारियों स्वागत किया है, जबकि मुख्यमंत्री इसका विरोध कर रहे हैं। न्यायालय में भी राज्य सरकार ने नीलामी के समय पर प्रश्न खड़े किए हैं। इस प्रकार बयान देकर जनता को दिग्भ्रमित करना घोर आपत्तिजनक है, जिसकी भाजपा घोर निदा करती है। कोल ब्लॉक नीलामी का निर्णय राष्ट्रहित और राज्य हित में उठाया गया कदम है। इससे ना सिर्फ आत्म निर्भर भारत का सपना साकार होगा, बल्कि झारखंड राज्य भी तेजी से आत्मनिर्भर और विकसित झारखंड बनेगा। देश के 5 राज्यों के 41 खदानों को निजी क्षेत्र के लिए नीलाम किया जाएगा। यह नीलामी देश में कोल आयात को कम करेगा। रोजगार बढ़ेंगे, बुनियादी सुविधाओं का विकास होगा एवं विदेशी मुद्रा भंडार की बचत होगी। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य को 9 खदानों की नीलामी से बड़ा लाभ होगा। राज्य सरकार इस आय का सदुपयोग कर राज्य को तेजी से प्रगति के रास्ते पर ले जा सकती है। डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड मोदी सरकार की बड़ी देन है। उन्होंने कहा कि भारत एक ओर कोयला भंडार के क्षेत्र में विश्व का चौथा स्थान रखता है, परन्तु दूसरी ओर हमारा देश विश्व का दूसरा कोयला आयातक देश है। देश में कोयले खपत 958 मिलियन टन है जिसमें 251 मिलियन टन भारत आयात करता है। इसमें 1 लाख 50 हजार करोड़ विदेशी मुद्रा खर्च होता है। मोदी सरकार उत्पादन बढ़ाकर विदेशी मुद्रा की बचत करते हुए आयात की निर्भरता खत्म करना चाहती है। इससे कोयले की चोरी पर रोक लगेगी। साथ ही नीलामी प्रक्रिया से आनेवाला सारा राजस्व सिर्फ और सिर्फ राज्य के हिस्से में आएगा। विभिन्न जिलों में होने वाले कोल ब्लॉक नीलामी का उल्लेख करते हुए सांसद अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि राज्य कुल 9 खदानों की नीलामी होगी, जिसमें हजारीबाग, बोकारो, पलामू, पाकुड़, दुमका में एक-एक तथा लातेहार में चार खदान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन जिलों के डिस्ट्रिक्ट मिनिरल फंड में करोड़ों का राजस्व जमा होगा, जिससे आधारभूत सुविधाओं का तीव्र विकास होगा, रोजगार की दृष्टि से 50 हजार लोगों को अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि कोल इंडिया पर नीलामी के निर्णय का दुष्प्रभाव पड़ेगा इसका भ्रामक दुष्प्रचार किया जा रहा है। कोल इंडिया के पास अपना 463 कोल ब्लाक है जिससे वह 100 वर्षों तक थर्मल कोयले की मांग पूरी करने में सक्षम है। नीलामी के बाद उत्पादन बढ़ने से बिजली,स्टील,उर्वरक , एल्युमिनियम जैसे क्षेत्र को लाभ मिलेगा। व्यावसायिक खनन का मुख्य उद्देश्य कोल इंडिया के उत्पादन के अतिरिक्त देश में मांग और पूर्ति के अंतर को समाप्त कर खनन क्षेत्र में रोजगार, आधारभूत सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सुविधा को बढ़ाते हुए रोजगार के अवसर को बढ़ाना है।
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