समय न्यूज़ 24 डेस्क
साहेबगंज : भारत और चीन के बॉर्डर पर लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से झड़प में साहेबगंज जिला के सदर प्रखंड स्थित दीहारी गांव के निवासी कुन्दन कुमार ओझा शहीद हो गए। शहीद की पत्नी ने 17 दिन पहले बेटी को जन्म दिया था, लेकिन कुंदन अपनी बच्ची का चेहरा तक नहीं देख पाए।
कुंदन के अलावा आर्मी के एक अफसर और एक अन्य जवान शहीद हुए हैं। 26 वर्षीय शहीद जवान कुंदन कुमार ओझा के पिता रविशंकर ओझा किसान हैं। कुंदन 2011 में बिहार रेजिमेंट कटिहार में भर्ती हुए थे। उनकी शादी 2017 में बिहार के सुल्तानगंज स्थित नीरहटी गांव में नेहा से हुई है। परिजन के अनुसार शहीद कुंदन कुमार पांच महीने पहले घर आए थे।
15 दिन पहले घरवालों से हुई थी बात
परिजन ने बताया- 15 दिन पहले उनकी बात कुंदन से हुई थी। सोमवार रात को उन्हें कुंदन के शहीद होने की जानकारी मिली। उधर, इस संबंध में उपायुक्त वरुण रंजन ने देर शाम को बताया कि आर्मी की ओर से ऑफिशियल तौर पर अभी तक लिखित में कोई जानकारी जिला प्रशासन को नहीं दी गई। आर्मी के एक सूबेदार ने उन्हें फोन कर कुंदन कुमार ओझा के शहीद होने की सूचना दी है। उन्होंने उनसे ऑफिशियल कम्युनिकेशन के तौर सूचना देने एवं अग्रसर कार्रवाई की जानकारी देने के लिए कहा है। सदर अंचलाधिकारी को शहीद जवान के घर आवश्यक जानकारी के लिए भेजा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा- झारखंड के बेटे पर सभी को गर्व
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि लद्दाख बॉर्डर पर सोमवार रात हुई हिंसक घटना को सुनकर परेशान, दुखी और निराश हूं। उन्होंने कहा कि सेना के उन जवानों को श्रद्धांजलि जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। मैं और झारखंड का हर व्यक्ति इस शोक की घड़ी में शहीदों के परिवार के सदस्यों के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने झारखंड के बहादुर बेटे कुंदन ओझा पर गर्व है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने दो अन्य साथियों के साथ बलिदान दिया।
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