चंदवा - रमजान के मुकद्दस माह पर दो छोटी बहनें इबादत की राह पर चल पड़ी हैं, ये दोनों बहनें प्रखंड के अलौदिया पंचायत कि शुक्रबजार के निवासी हैं, जिनके उम्र खिलौना खेलने कुदने की है वे रोजा इबादत कर रहे हैं, समीर राईन की 5 वर्षीय नन्ही बेटी साहिबा प्रवीन एवं कमरूदीन राईन की 5 साल की पुत्री आलिया प्रवीन प्रत्येक दिन अहले सुबह साढ़े तीन बजे सहरी करती हैं और 15 घंटे का रोजा रखती हैं, मां गुड़िया बीवी ने बताया कि बेटी आलिया पांच टाइम नमाज पढकर खुदा को याद करती हैं, वहीं तमन्ना बीवी कहती हैं कि मेरी पुत्री शाहिबा प्रवीन रोज समय पर उठकर सहरी करती हैं, दोनों बच्चियां काफी एहतराम के साथ पॉच वक्त की नमाज भी पढती हैं, शाम को इफ्तार के समय परिवार के साथ इफ्तारी करती हैं, मॉ बाप ने बताया कि छोटी बच्चियों की सेहत, उपर से गर्मी, 15 घंटे से अधिक समय तक भूखा प्यासा रहना इन सभी बातों का ध्यान रखते हुए इन्हें रोजा रखने से मना की गई थी, लेकिन बच्चीयों ने अल्लाह रसुल का वास्ता देकर रोजा रख लिया, इनके जिद के आगे किसी का नहीं चली, मॉ बाप भी मजबूर हो गए, उसके पक्के इरादों को कोई डिगा नहीं सका, वो शुरू से ही रोजा रख रही हैं, इफ्तार के समय अपना और देश की सुख शांति के लिए दुआ करती हैं, रमजान उल मुबारक के पाक महिने में कई बड़े और युवा रोजा नहीं रख पाते हैं, ऐसे में इन बच्चियों का रोजा रखा जाना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है, मासुम बेटियों ने रोजा रखकर यह समाज को संदेश भी दिया कि इरादा पक्का हो तो नेक और सच्चाई की राह में चलना मुश्किल नहीं है, बच्चियों का उत्साह को देखकर घर वाले भी काफी खुश हैं, इलाके के लोग इन रोजेदार बच्चियों को बधाई मुबारकबाद दे रहे हैं इनके उज्जवल भविष्य के लिए कामना और दुआ कर रहे हैं।
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