प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को (यानी आज) राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे और राज्यों में कोरोना संक्रमण की स्थिति और लॉक डाउन में दिए गए छूट पर प्रतिक्रिया लेंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन देश के विभिन्न जिलों में फंसे झारखंड के आठ लाख से अधिक छात्रों, मजदूरों और अन्य लोगों को वापस झारखंड लाने के लिए केंद्र सरकार से दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह करने की तैयारी में है। साथ ही केंद्र सरकार से प्रवासी मजदूरों को वापस भेजने में मदद का आग्रह किया जाएगा। पीएम मोदी को बताया जाएगा कि झारखंड की समस्या लॉक डाउन खुलने के बाद कहीं अधिक बढ़ जाएगी। दूसरे राज्यों में फंसे लोगों के वापस आने से संक्रमण का खतरा कई गुणा बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री पिछले दिनों मंत्रिमंडल उप समिति की ओर से दिए गए प्रस्तावों को पीएम मोदी के समक्ष रख सकते हैं। मसलन दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को विशेष ट्रेन से संबंधित राज्य में मेडिकल जांच के बाद झारखंड भेजने की व्यवस्था, मेडिकल उपकरणों, पीपीई किट, जांच कि, सेनिटाइजर, मास्क, वेंटिलेटर आदि की आपूर्ति को लेकर ध्यान आकर्षित कराएंगे। केंद्र सरकार से आर्थिक सहयोग के लिए जीएसटी बकाया, भारत सरकार के उपक्रमों पर 50 हजार करोड़ से अधिक बकाया भुगतान की बात दोहरा सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के लिए कई तरह के द्वार खोलने की अपील की जा सकती है। राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठकमुख्यमंत्री सोमवार को राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान कोरोना संक्रमण, इससे लड़ने के उपायों की समीक्षा के अलावा दूसरे राज्यों में फंसे लोगों की स्वास्थ्य जांच, कॉरन्टाइन, भोजन की व्यवस्था और उन्हें रोजगार मुहैया कराने पर चर्चा होगी।
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