प्रयागराज के चाका ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय तेंदुआवन की शिक्षिका ममता मिश्रा ने बच्चों को सीखने और पढऩे-पढ़ाने की गतिविधियों को रोचक ढंग से डिजिटलाइज्ड कर यू-ट्यूब पर अपलोड किया। फिर तो इसे दुनिया भर ने देखा। बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंची तो उन्होंने पत्र लिखकर ममता के प्रयास की सराहना कर शाबाशी भेजी है। यह डिजिटल युग का दौर है। अगर आप में हुनर है तो फिर दुनिया आपको सलाम करने को तैयार है। बस, आप हुनर को डिजिटल प्लेटफार्म पर प्रदर्शित कीजिए।
इसी मंच का उपयोग किया ममता ने किया है। बीते सप्ताह प्रधानमंत्री ने पत्र लिखकर प्राथमिक शिक्षा को डिजिटल प्रणाली से जोडऩे पर सराहना करते हुए उसे देशभर के शिक्षकों के लिए प्रेरणादायी बताया। ममता के वीडियो युवाओं और शिक्षकों की पसंद बनकर उभरे हैं। प्राथमिक शिक्षा में बच्चों को प्रभावशाली तरीके से किस प्रकार पढ़ाया जाए, इसके लिए ममता ने डिजिटल प्रणाली को जोड़ा।
ममता ने अपने विद्यालय के 158 बच्चों को तकनीक के माध्यम से सीखने और करने की प्रक्रिया को प्रभावशाली ढंग से समझाया। उदाहरण के लिए 'पढ़ें बालक-बढ़ें बालकÓ योजना में बच्चों के सीखने सिखाने के चरण को बाल मनोविज्ञान के साथ जोड़ा। हर कदम पर बच्चों की क्या, क्यों, कैसे यानी उनकी प्रत्येक जिज्ञासा को हल करने की कवायद को सलीके से यू-ट्यूब पर अपलोड किया।
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