समय न्यूज़ 24 डेस्क धनबाद: झरिया के अग्नि और भू-धंसान प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और उनके बेहतर भविष्य को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है। मंगलवार देर शाम समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन ने संशोधित झरिया मास्टर प्लान की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्य निर्देश: मुआवजा और पुनर्वास प्राथमिकता
उपायुक्त ने बीसीसीएल और झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार (JRDA) को स्पष्ट निर्देश दिया कि संशोधित प्लान के तहत प्रभावितों को बेलगड़िया में जल्द से जल्द शिफ्ट किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि: ससमय मुआवजा: विस्थापित होने वाले प्रभावितों को मुआवजे का भुगतान समय पर सुनिश्चित हो। नियमों का पालन: लीगल टाइटल होल्डर (LTH) और नन-लीगल टाइटल होल्डर (Non-LTH) दोनों का पुनर्वास मास्टर प्लान के नियमों के अनुसार हो। जीवन की सुरक्षा: उपायुक्त ने कहा कि जमीन के नीचे की आग और धंसान के खतरों के बीच रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बेलगड़िया टाउनशिप में मिलेंगी हाई-टेक सुविधाएं
बैठक में JRDA ने बताया कि बेलगड़िया में 3737 आवासों की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर जारी है। इसकी खासियतें निम्न हैं: गुणवत्ता की गारंटी: रूफ ट्रीटमेंट की 10 साल की वारंटी, नई टाइल्स और कंसील्ड वायरिंग। विशेष निगरानी: कार्यों की गुणवत्ता की जांच IIT-ISM द्वारा की जा रही है।बुनियादी ढांचा: पेयजल के लिए 5 नए पंप सेट, 8 नए बोरवेल और 60 हैंडपंपों की मरम्मत। कनेक्टिविटी: बरमसिया-कुसमाटांड़ (7.6 किमी) और पलानी मोड़ से बेलगड़िया (2.83 किमी) तक सड़कों का चौड़ीकरण।
रोजगार और सुविधाओं पर जोर
विस्थापितों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए टाउनशिप में कई सुविधाएं प्रस्तावित हैं:शिक्षा और स्वास्थ्य: 35 आंगनबाड़ी केंद्र (32 नए), हेल्थ सब सेंटर और स्कूल।रोजगार: स्किल सेंटर, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और रोजगार की विभिन्न गतिविधियां।परिवहन: सुचारू आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक बसें और ई-रिक्शा का नियमित संचालन।सुरक्षा: रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी का गठन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम।
इस महत्वपूर्ण बैठक में उपायुक्त के साथ बीसीसीएल के निदेशक तकनीकी श्री संजय कुमार सिंह, विभिन्न क्षेत्रों के महाप्रबंधक (EJ, बस्ताकोला, लोदना, पुटकी बलिहारी आदि) और JRDA के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे।
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