समय न्यूज़ 24 डेस्क कोलकाता/मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल में रामनवमी के पावन अवसर पर एक बार फिर हिंसा की आग भड़क उठी है। मुर्शिदाबाद जिले में बुधवार को रामनवमी के जुलूस के दौरान दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई। उपद्रवियों ने न केवल पत्थरबाजी की, बल्कि सड़कों पर जमकर तोड़फोड़ और आगजनी भी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और कॉम्बैट फोर्स की टुकड़ियों को मैदान में उतारना पड़ा।
मैकेंजी पार्क से शुरू हुई थी यात्रा, फुलतला मोड़ पर हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, रामनवमी की शोभायात्रा मैकेंजी पार्क से शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुई थी। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का आरोप है कि जैसे ही जुलूस फुलतला मोड़ के पास पहुंचा, अचानक छतों और गलियों से ईंट-पत्थर फेंके जाने लगे। हमले के बाद भगदड़ मच गई, जिसमें कई श्रद्धालु घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जुलूस के आगे बढ़ने पर दोबारा हमला किया गया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
DIG की मौजूदगी में पुलिस का फ्लैग मार्च, कई हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही मुर्शिदाबाद रेंज के DIG अजीत सिंह यादव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। प्रशासनिक कार्रवाई:
इलाके में सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस गश्त जारी है।हिंसा में शामिल होने के संदेह में पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है।वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन तनाव बरकरार है।
राजनीतिक घमासान: शुभेंदु अधिकारी ने साधा ममता सरकार पर निशाना- इस घटना ने राज्य में सियासी पारा गरमा दिया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोला। वीडियो में कुछ युवक भगवा झंडे को नीचे गिराते हुए दिख रहे हैं।
शुभेंदु अधिकारी ने सवाल उठाया कि— "क्या पश्चिम बंगाल में रामनवमी पर सनातनियों द्वारा पवित्र भगवा ध्वज फहराना अपराध है?" उन्होंने राज्य सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन बहुसंख्यक समाज की सुरक्षा करने में विफल रहा है।
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